How To Meet A Prisoner In Jail? - जेल में बंदी से मुलाकात कैसे होती है?

आज मैं आपको बताने वाला हू के जेल में किसी भी कैदी से मुलाकात करने का क्या प्रोसिजर होता है। ये काफी इम्पॉर्टेंट जानकारी है क्योंकि कई सारे बंदी के जानने वाले उससे सिर्फ इसलिए मुलाकात नहीं कर पाते क्योंकि उन्हें मुलाकात का प्रोसीजर पता नहीं होता तो हैलो दोस्तो मैं Santosh Parmar स्वागत करता हू आपका और इस आर्टीकल को पढने के बाद आप अच्छी तरह से समझ जाएंगे कि जेल में किसी भी बंदी से मुलाकात करने का क्या प्रोसीजर होता है । तो चलिए शुरू करते हैं ।

जेल में आप किसी भी बंदी से मुलाकात कर सकते हैं वो आपका रिलेटिव आपका यार दोस्त या कोई भी हो सकता है। बस आपको सिर्फ दो चीजें पता होनी चाहिए । एक उसका और उसके पिता का पूरा नाम और दूसरे वो किस जेल में हैं । जेल में जिस बंदी के लिए आप मुलाकात करने के लिए जा रहे हैं आप उसके लिए कुछ सामान भी ले करके जा सकते हैं बल्कि आपको अपने साथ कुछ सामान ले करके जाना ही चाहिए क्योंकि जेल में काफी लो क्वालिटी का खाना होता है तो बंदी चाहता है कि उसे बाहर से कुछ अच्छी चीजें खाने के लिए मिले । अपने सामान में आप वही चीजें इंक्लूड कर सकते हैं जो जेल में अलाउड होती है ।

जेल में सभी तरह के फ्रूट्स सब्जियां नमकीन बिस्किट और खाने की जितनी भी पैक्ड चीजें होती हैं वो अलाउ होती है । पैक्ड चीजों से मेरा मतलब वो चीजें हैं जो कंपनी से ही बॉक्स में पैक आती है तो उन्हें आप बंदी के लिए ले कर जा सकते हैं । बाकी जो चीजे खुली बिकती है जैसे कि मिठाइयां हैं । ये चीजें जेल में अलाऊ नहीं होती । इसी तरह से जेल में कोई भी लोहे की चीज अलाऊ नहीं होती है तो अगर आप बंदी के लिए कोई बर्तन लेकर के जा रहे हैं जैसे कि चम्मच गिलास ले तो ये सब प्लास्टिक के होने चाहिए क्योंकि अगर आप लोहे को लेकर भी जाएंगे तो ये सब वापस कर दिए जाएंगे ।

इसी तरह से किसी भी तरह का नशा जेल में अलाऊ नहीं है लेकिन स्मोकिंग अलाव है अगर जिस बंदी से आप मिलने के लिए जा रहे हैं वो स्मोक करता है तो आप सिगरेट बीड़ी या तंबाकू लेकर के जा सकते हैं लेकिन पान मसाला अलाउ नहीं है क्योंकि इसे खाकर के थूका जाता है और इससे गंदगी फैलती है । एक मुलाकात पर आप एक बार में तीन सिगरेट के पैकेट या तीन बीड़ी के बंडल और तंबाकू ले जा सकते हैं । इसके अलावा किसी भी तरह का नशा जेल में अलाऊ नहीं है । बंदी के लिए आप जो भी सामान ले करके जाना चाहते हैं । ये सारा सामान जेल के बाहर भी मिल जाता है लेकिन जेल के बाहर जो सामान मिलता है वो काफी लो क्वालिटी का होता है । इसलिए मैं आपको यही रिकमेंड करूंगा कि अगर आप किसी से मिलने जा रहे हैं तो आप अपने यहां से अच्छी क्वालिटी का सामान खरीद करके ही ले करके जाइए ।

जेल में किसी भी बंदी से मुलाकात करने के लिए आपको अपॉइंटमेंट लेनी होगी । ये अपॉइंटमेंट ओफलाइन या ऑफलाइन किसी भी तरीके से ले सकते हैं । अगर आप अपॉइंटमेंट ऑनलाइन लेना चाहते हैं तो इसके लिए आप प्रिजनर की वेबसाइट पर जाकर के ले सकते हैं जहां पर आपको बंदी का और उसके पिता का नाम अपना और अपना पूरा नाम और टाइमिंग चूज करनी होती है । ऑफलाइन अपॉइंटमेंट आप जेल के बाहर जब जाएंगे तो वहीं पर मुलाकात कक्ष होता है वहां पर आप ये अपाइंटमेंट ले सकते हैं । जेल में मुलाकात के लिए 10 से 15 रुपए की एक पर्ची काटी जाती है । इसके अलावा कोई भी और पैसा आपसे कहीं भी नहीं ले जाता है । अगर आप किसी से मुलाकात करने के लिए जा रहे हैं तो मैं आपको रिकमेंड करूंगा कि आप हमेशा आॅनलाइन अपाइंटमेंट ले करके ही जाइए क्योंकि ऑनलाइन में आपको वहां जाकर ज्यादा वेट नहीं करना पड़ेगा । आप कोई भी टाइमिंग चूज करेंगे और 15 मिनट पहले आप वहां पहुंच जाएंगे तो आपकी मुलाकात करा दी जाएगी । जबकि ऑफलाइन के लिए आपको मुलाकात से कम से कम दो घंटे पहले वहां पहुँचना होता है और वहां एक काफी लंबी लाइन में लगकर आपको पर्ची कटवानी होती है ।

जेल में चार शिफ्टों में मुलाकात कराई जाती है जोकि सुबह 10 बजे से लेकर शाम के 3 बजे तक चलती है जबकि रविवार को रोज पांच शिफ्टों में मुलाकात कराई जाती है जोकि शाम के चार बजे तक चलती है । एक शिफ्ट का टाइम 20 मिनट से लेकर एक घंटे तक का होता है । मतलब कि आप जिस बंदी से मिलने के लिए गए हैं आप उसे 20 मिनट से लेकर एक घंटे तक के लिए मुलाकात कर सकते हैं तो जेल में किसी भी बंदी से मुलाकात करने के लिए पहला स्टेप होता है अपॉइंटमेंट लेने का । जो कि आप ऑनलाइन बहुत आसानी के साथ ले सकते हैं या फिर आप जेल में पहुंच कर वहां ऑफलाइन भी 15 रुपए की एक पर्ची कटवा सकते हैं ।

इसके बाद अगर आपके पास सामान है तो सारे सामान को एक झोले में डालकर उस पर आपको बंदी का पूरा नाम और उसके पिता का नाम लिख करके उसको जमा करना होता है । ये सारा सामान बंदी को मुलाकात के बाद दे दिया जाता है । सामान को जमा करते समय दो स्लिप दी जाती है एक स्लिप को सामान में डाला जाता है और एक स्लिप आपको दे दी जाती है । जैसे ही आप जेल के लिए पर्ची कटाते हैं तो वैसे ही उन सारी पर्चियों को जेल के अंदर भेज दिया जाता है और बंदियों को पहले ही पता चल जाता है कि उनसे मुलाकात के लिए कौन आया है । इसके बाद मुलाकात की टाइम शुरू हो जाता है । एक बड़ा सा हॉल होता है जिसमें जालियां लगी हुई होती है । एक तरफ उसमें बंदी होते हैं और दूसरी तरफ उनसे मुलाकात करने वाले लोग होते हैं । जेल के अंदर से बंदियों को इस हॉल तक लाया जाता है और यहीं पर जो मुलाकात के लिए आया है और जो बंदी है वो एक दूसरे को देख करके पहचान लेते हैं और वहीं पर मुलाकात करते हैं । इन जालियों में छोटे छोटे से छेद होते हैं जिनसे बंदी को मुलाकात करने वाला पैसे भी पकड़ा सकता है । बाकी जो भी सामान भेजना है वो बाहर झोले में डालकर के जमा करना होता है । इन जालियों से कोई भी सामान पास करना अलाउ नहीं है । इस हॉल में अब बंदी से जो चाहे वो बात कर सकता है । क्योकी यहां पर कोई भी रिकॉर्डिंग डिवाइस लगी हुई नहीं होती है । मुलाकात के बाद आप तो अपने घर वापस आ जाते हैं लेकिन बंदी को चार चैकिंग पॉइंट से होकर गुजरना होता है जहां पर बंदी की और उसके साथ जो भी सामान होता है सारे सामान की सख्ती के साथ तलाशी ली जाती है और अगर उसमें कोई भी ऐसा सामान निकलता है जो जेल में अलाव नहीं है तो सामान को तो जप्त किया ही जाता है साथ ही बंदी को काफी सजा भी दी जाती है और उसकी मुलाकात को भी बंद किया जा सकता है ।

जेल में जितने भी अंडरट्रायल यानी विचाराधीन बंदी होते हैं यानि ऐसी बंदी होती हैं जिनको अभी सजा नहीं हुई है तो उसे आप हफ्ते में तीन बार मुलाकात कर सकते हैं जबकि जो ऐसे लोग होते हैं जिनको सजा हो चुकी है तो उसे आप एक हफ्ते में सिर्फ दो बार ही मुलाकात कर सकते हैं जबकि ऐसे बंदी जिनके ऊपर काफी सेंसिटिव केस होता है जैसे की देशद्रोह का केस होता है तो ऐसे बंदियों से हफ्ते में सिर्फ एक बार ही मुलाकात की जा सकती है और इन बंदियों से मुलाकात करने के लिए मुलाकात करने वाले की तलाशी भी होती है और साथ ही उसकी आईडी को भी लिया जाता है । जेल में जब किसी भी बंदी की कोई मुलाकात आती है तो उसे बहुत खुशी होती है क्योंकि मुलाकात से उसे बाहर क्या चल रहा है इसके बारे में पता चलता है । साथ ही उसे खर्चे के लिए कुछ पैसे मिल जाते हैं और साथ ही उसे खाने के लिए कुछ चीजें भी मिल जाती हैं जो कि मुलाकात करने वाला अपने साथ ले करके आता है ।

इसके अलावा जेल में कुछ खास त्योहारों पर जैसे कि होली दीपावली और ईद पर खुली मुलाकात भी कराई जाती है । खुली मुलाकात में सिर्फ महिलाए ही अलाऊ होती है । मतलब की जेल में जो बंदी हैं उससे मिलने के लिए कोई महिला ही जा सकती है । वो महिला उसकी कोई रिश्तेदार दोस्त या गर्लफ्रेंड भी हो सकती है । खुली मुलाकात पर जो मुलाकात कराई जाती है ये जेल में बने हुए बड़े हॉल में नहीं कराई जाती है बल्कि जेल में बने हुए बड़े बड़े पार्कों में कराई जाती है । जिसे भी आप मिलने के लिए जेल में गई है आप उसके साथ पार्क में कहीं भी बैठ करके बातचीत कर सकती हैं और साथ ही अगर आप उसके लिए कुछ खाने के लिए ले करके गई हैं तो वो आप वहां बैठ करके खा सकते हैं । ये मुलाकात सुबह 10 बजे से लेकर शाम के 4 बजे तक चलती है । मतलब इसमें आपके घंटों तक एक दूसरे के साथ रह सकते हैं लेकिन ये मुलाकात साल में कुछ खास त्योहारों जैसे कि होली दीपावली और ईद पर ही कराये जाती है ।आशा करता हू की आपको ये आर्टीकल आपको काफी पसंद आया होगा और आप इस आर्टीकल से काफी सारी चीजें समझ गये होंगे जोकि आपके काफी काम आ सकती है ।