
सेल्फ डिफेंस यानी आत्म रक्षा के बारे में तो आप लोगों ने जरूर सुना होगा । सेल्फ डिफेन्स का मतलब होता है अपने शरीर या अपनी प्रॉपर्टी की रक्षा के लिए फाइट करना । यानी अगर कोई आपके शरीर को नुकसान पहुंचाना चाहता है या आपकी प्रॉपर्टी को नुकसान पहुंचाना चाहता है तो आप उसे फाइट कर सकते हैं । यहां तक कि आप उसको जान से भी मार सकते हैं और ये मर्डर नहीं कहलाएगा बल्कि ये सेल्फ डिफेंस कहलाएगा और इसमें आपको कोई सजा नहीं दी जाएगी । IPC Section 96 से लेकर Section 106 तक के सभी Sections में सभी लोगों को सेल्फ डिफेंस का राइट दिया गया है । तो हैलो दोस्तो मैं Santosh Parmar स्वागत करता हू आपका और आज के इस आर्टीकल में मैं आपको पांच ऐसी स्थिति बताने वाला हूं जिन स्थिति में अगर आप किसी की जान भी ले लेते हैं तभी वो मर्डर नहीं कहलाएगा सेल्फ डिफेंस कहलाएगा और उसमें आपको कोई सजा नहीं दी जाएगी । तो चलिए शुरू करते हैं ।
- पहली स्थिति है कि IPC Section 103 और 104 के मुताबिक अगर कोई आपके साथ लूट करता है या रात में घर में सेंध लगाता है या आग लगा देता है या फिर चोरी के लिए आपके घर में घुस जाता है तो अगर आपको जान का खतरा है तो आप हमला करने वाले को जान से मार सकते हैं । ये मर्डर नहीं कहलाएगा बल्कि ये सेल्फ डिफेंस कहलाएगा ।
- दूसरी स्थिति है कि अगर किसी महिला या लड़की को ये अहसास होता है कि कोई उस पर हमला करने वाला है या फिर उसका रेप करने वाला है तो वो सेल्फ डिफेंस के लिए उस आदमी को जान से मार सकती है । कोर्ट इस तरह के हमले को मर्डर की कैटिगरी में नहीं रखता है बल्कि इसको सेल्फ डिफेंस कहा जाता है ।
- तीसरी स्थिति है कि अगर कोई महिला रेप की कोशिश के दौरान किसी आदमी को घायल कर देती है या फिर उस पर हमला कर देती है और इसकी वजह से उसकी मौत हो जाती है तो इसको भी मर्डर नहीं बल्कि सेल्फ डिफेंस कहा जाएगा ।
- चौथी स्थिति है कि अगर किसी आदमी का किडनैप हो गया और वो आदमी सेल्फ डिफेंस में अपने किडनैपर पर हमला कर दे और इस हमले के दौरान किडनैपर या उसके गैंग में से अगर किसी की मौत हो जाए तो इसको भी मर्डर नहीं कहा जाएगा बल्कि ये सेल्फ डिफेंस कहा जाएगा ।
- पांचवीं स्थिति है कि अगर किसी महिला के ऊपर ऐसिड अटैक जैसी घटना को अंजाम दिया जा रहा है मतलब कोई आदमी किसी महिला के ऊपर ऐसिड अटैक कर रहा है तो वो महिला अगर अपने बचाव में या फिर कोई दूसरा आदमी उस महिला के बचाव में उस हमलावर को जान से मार देता है तो इस स्थिति में भी इसको हत्या यानि मर्डर नहीं कहा जाएगा बल्कि इसको सेल्फ डिफेंस कहा जाएगा ।
यहां पर सेल्फ डिफेंस में बस आप ये समझ लीजिए कि अगर कोई आपके शरीर को नुकसान पहुंचाना चाहता है या आपकी प्रॉपर्टी को नुकसान पहुंचाना चाहता है तो आप उसे फाइट कर सकते हैं और उसको जान से भी मार सकते हैं । लेकिन साथ ही आपको एक काफी इम्पॉर्टेंट चीज भी ध्यान में रखनी है कि आप सामने वाले पर्सन को सिर्फ उतनी ही चोट पहुंचा सकते हैं जितनी वो आपको चोट पहुंचाना चाहता है । जैसे की अगर रात के टाइम में आपके घर में कोई चोर घुस आया है तो इससे आपको खतरा है । लेकिन अगर चोर के पास गन नहीं है तो आप भी उसको पर गोली नहीं चला सकते क्योंकि आप लाठि या डंडे से भी अपनी आत्म रक्षा यानि सेल्फ डिफेंस कर सकते हैं । इसी तरीके से अगर कोई आपके ऊपर लाठी से वार करता है तो आप उसको डायरेक्ट गोली नहीं मार सकते बल्कि आप भी लाठी या डंडे से ही उसको चोट पहुंचा सकते हैं । तो ये रूल आपको हमेशा ध्यान में रखना है कि आप सामने वाले पर्सन को सिर्फ इतनी ही चोट पहुंचा सकते हैं जितनी चोट वो आपको पहुंचा सकता है । मान लीजिए अगर किसी के पास गन है तो आपको जान से मार सकता है तो इस स्थिति में आप उस पर गोली चला सकते हैं लेकिन अगर सामने वाले पर्सन के पास लाठी है तब आप उस पर गोली नहीं चला सकते । बल्कि आप लाठी से ही अपना सेल्फ डिफेंस करेंगे ।
तो आज के इस आर्टीकल में आपने जाना कुछ ऐसी स्थिति के बारे में जिस स्थिति में अगर आप किसी को जान से भी मार देते हैं तभी वो मर्डर नहीं कहलाएगा बल्कि सेल्फ डिफेंस कहलाएगा ।

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