What Is Deep Web And Dark Web? - डीप वेब और डार्क वेब क्या होती है?


काफि सारे लोग डार्क वेब और डीप वेब को लेकर के कन्फ्यूजन में रहते हैं । हैलो दोस्तो मैं Santosh Parmar स्वागत करता हू आपका और आज के इस आर्टीकल में मैं आपको बहुत ही आसान भाषा में समझाने वाला हूं कि डीप वेब और डार्क वेब क्या होती है । तो चलिए शुरू करते हैं ।

पुरे इंटरनेट को ने को तीन भाग में डिवाइड किया गया है ।

  • सरफेस वेब - Surface Web
  • डीप वेब - Deep Web
  • डार्क वेब - Dark Web

Surface Web -

सबसे पहले हम बात करते हैं सरफेस वेब के बारे में । इंटरनेट का वो हिस्सा जिसे हम आसानी से एक्सेस कर सकते हैं आसानी से यूज कर सकते हैं और जो सर्च रिजल्ट में शो होता है ये सरफेस वेब कहलाता है । इंटरनेट का सिर्फ 5% भाग ही सरफेस वेब के अंडर आता है । जैसे कि अगर आप गूगल में सर्च करें santoshparmar.in तो आपके सामने santoshparmar.in और इसके कई सारे रिजल्ट शो होंगे । इसी तरह से फेसबुक यूट्यूब ट्विटर और बहुत सारी वेबसाइट्स हैं जिन्हें आप आसानी से एक्सेस कर सकते हैं तो इस तरह से आसानी से एक्सेस होने वाले इंटरनेट के हिस्से को सरफेस वेब कहा जाता है ।

Deep Web -

चलिए हम बात करते हैं डीप वेब के बारे में । जितने भी सर्च इंजन हे जैसे की याहू बिंग गूगल ये सभी इंटरनैशनल कंपनीज है लेकिन जिस देश में भी इन्हें काम करना होता है वहां के कानून इन्हें मानने ही पड़ते हैं । इंडिया में इंटरनेट लॉ मिनिस्ट्री ऑफ कम्युनिकेशन एंड इन्फॉर्मेशन टेक्नोलॉजी के अंडर आता है जिसमें ये रूल बनाया गया है कि कोई भी सर्च इंजन किसी भी इलीगल वेबसाइट्स को या किसी भी सीक्रेट वेबसाइट को इंडेक्स नही करेगा । इसी वजह से अगर आप किसी भी सीक्रेट वेबसाइट को गूगल में या किसी भी सर्च इंजन में सर्च करेंगे तो उसके रीसल्ट आपको नही मिलेगे । जैसे कि RAW इंडिया की एक सीक्रेट एजंसी है । अगर आप इसकी डिटेल्स को गूगल में सर्च करें तो आपको कोई भी रिजल्ट नहीं मिलेगा । इस तरह के किसी भी सिक्रेट वेबसाइट या इलीगल वेबसाइट को एक्सेस करने का एक ही तरीका होता है कि आपके पास इनका पूरा यूआरएल होना चाहिए । अगर आपके पास इन वेबसाइट का यूआरएल है तो आप अपने ब्राउज़र में उस यूआरएल को डाल करके डायरेक्टली उस वेबसाइट को एक्सेस कर सकते हैं । तो इंटरनेट का इस तरह का जितना भी हिस्सा है ये सारा डीप वेब मे आता है ।

Dark Web -

चलिए हम बात करते हैं डार्क वेब के बारे में । डार्क वेब इंटरनेट की वो काली और खतरनाक दुनिया है जहां पर कोई भी रूल कोई भी नियम कोई भी कानून नहीं माना जाता है । सभी तरह के इलीगल काम डार्क वेब में किये जाते हैं । डार्क में में नशा खरीदा बेचा जाता है हथियार खरीदे बेचे जाते हैं हर तरह की स्मगलिंग होती है । यहा तक की आप किसी के मर्डर की सुपारी भी दे सकते हैं जैसे कि हिटमैन एक वेबसाइट है उससे आप किसी के भी मर्डर की सुपारी दे सकते हैं लेकिन उनके कुछ रूल्स हैं जैसे कि जिसकी आप सुपारी दे रहे हैं उसकी उम्र 16 साल से कम नहीं होनी चाहिए । दूसरी वहां पर एक लिस्ट दी गई है जिसमें कुछ देशों के नाम हैं तो उसमें लिखा हुआ है कि इन देशों के किसी भी नेता की सुपारी आप हिटमैन में नहीं दे सकते । डार्क वेब में सारा लेन देन क्रिप्टो करेंसीज में होता है जैसे कि बिटकोइन, लाइटकोइन, एक्स्ट्रा । तो इस तरह के सभी इलीगल काम डार्क वेब के जरिए किए जाते हैं इसलिए डार्क वेब को एक्सेस करना इजी नहीं होता है । इसको आप किसी भी नोर्मल ब्राउजर जैसे कि क्रोम मोजिला फायरफॉक्स में ओपन नहीं कर सकते हैं बल्कि इसके लिए आपको एक स्पेशल ब्राउज़र की जरूरत पड़ती है जिसका नाम है टोर ब्राउजर । डार्क वेब की जिस वेबसाइट को भी आप ओपन करना चाहते हैं उसका पूरा यूआरएल आपके पास होना चाहिए । उस यूआरएल को टॉर ब्राउज़र में डाल करके ही आप उस वेबसाइट को ओपन कर सकते हैं । डार्क वेब को सिर्फ यूज करना कोई क्राइम नहीं है लेकिन अगर आप उससे कोइ इललीगल काम करेंगे तब ये क्राइम है और इसके लिए आपको पनिश कीया जाएगा । आशा करता हू अब आप समझ गए होंगे कि सरफेस वेब, डीप वेब और डार्क वेब क्या होती है ।